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हमारे बारे में

अमृतसर सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय अमृतसर की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत है।

इस आयुक्तालय का क्षेत्रीय एवं प्रषासनिक क्षेत्राधिकार में पंजाब, हिमाचल परदेश, जम्मू और कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ शामिल हैं। इसका मुख्यालय अमृतसर के पवित्र शहर में है जिसे सिखों के चौथे गुरु, गुरु राम दास जी ने 1577 में स्थापित किया था। अमृतसर शहर अपने नाम के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसका अर्थ है "पूल ऑफ़ नेक्टर" जिसके अंदर सिखों की पवित्रता और विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा "स्वर्ण मंदिर" स्थापित है। यह सार्वभौमिक भाई हुड, भव्यता और ताकत का प्रतीक है, जो न केवल दुनिया भर के सिख लोगों के लिए है, बल्कि पूरे देश के लिए भी है। अमृतसर शहर जलियावाला बाग स्मारक और दुर्गियाना मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है, जो 16 वीं शताब्दी का है।

दिनांक 07.03.2002 अधिसूचना संख्या 15/2002-सी.शु। (एनटी) से प्रतिस्थापित भारत सरकार की तिथि 07.07.1997 अधिसूचना संख्या 27/97-सी.हु। (एनटी) के अनुपालन में तत्कालीन सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क नान्डीगढ़ के आयु क्षत्रिय का केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयु कतली चण्डीगढ़-।, चण्डीगढ़- ।। और सीमा शुल्क आयु कांट्रियल अमृतसर में तीन भागों में विभाजित के पश्चात सीमा शुल्क (निवारक) आयु कांटाएल, अमृतसर 16 जुलाई, 1997 को अस्तीत्व में आया और श्री डी। एस। सरा इस आयुक्तरी के पहले आयुक्त थे। वर्तमान में कप्तान संजय गेहलौत सीमा शुल्क के आयुक्त हैं, जो 09.09.2015 को पदभार ग्रहण किया।

सीमा शुल्क आयुक्तालय, अमृतसर के तत्कालीन इतिहास पर यदि दृष्टिपात करें तो इसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत भूमि सीमा शुल्क स्टेशन, आईसीपी अटारी, भूमि सीमा शुल्क स्टेशन, अटारी रेल, श्री गुरू राम दास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाईपत्तन, भूमि सीमा शुल्क स्टेशन, रेल कारगो कॉमप्लैक्स और सी.एफ.एस छहरट्ट््ा और लुधियाना में स्थित पाँच अन्तर्देशीय कंटेनर डिपुओं/कंटेनर फ्रेट स्टेशनों कंटेनर फ्रेट स्टेशनों के साथ-साथ जलंधर, बठिण्ंडा और दप्पर के सी.एफ.एस पर न केवल अंतर्राष्ट्रीय सामान की आवाजाही पर निगाह रखना और उसकी निकासी करना था, अपितु निवारक कार्यों से संबंधित गतिविधियों को भी समुचित रूप से करना था।

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार की दिनांक 16 सितंबर, 2014 को जारी अधिसूचना संख्या 78/2014 -सीमा शुल्क (एनटी) के अनुपालन में तत्कालीन सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तरी, अमृतसर को दो भागों में विभाजित किया गया है। इस अधिसूचना के तहत सीमा शुल्क आयुक्तरी, स्टॉक और सीमा शुल्क (निवारक) आयु पटवारी, अमृतसर का गठन किया गया है। इस प्रकार अब इस आयुक्तालय के पास सुदूर जम्मू और काशिर के न्योमा (लेह) से लेकर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य शासित प्रदेश चण्डीगढ़ में निवारक कार्यों का क्षेत्राधिकार है।

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